बीमारी के डर का भी इलाज करें...

अपडेट किया गया: 20 नव. 2019


कई बार हमारा मन शरीर के कुछ विशेष संकेतों को पकड रोगों के संदर्भ में ऐसे चिंताजनक संकेत देता दिखता है कि ऐसा हो रहा है तो कहीं ऐसी बीमारी मुझे न हो जावे । कुछ विशेष लोग इस प्रकार की चिन्ता में महिनों का अनचाहा संताप लेकर घूमते भी दिखाई देते हैं, और चूंकि हममे से सभी को कभी न कभी तो ऐसी मन:स्थिति में आना पड ही जाता है तो उस स्थिति में हम सम्बन्धित बीमारी के डर से बचाव हेतु कुछ आयुर्वेदिक व स्वदेशी उपचार की पद्धतियां यहाँ देने का प्रयास कर रहे हैं जिसके प्रयोग से आपके सम्बन्धित डर की बीमारी की प्राथमिक स्थितियों से बहुत हद तक बचाव हो सकता है । उपाय जिन पर चर्चा की जा सकती है वे ये हैं...


1. किसी भी कारण से केंसर यदि होने का भय लगता हो तो रोज़ाना कडीपत्ते का रस या मीठा (बेकिंग) सोडा एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर पीते रहें ।


2. हार्टअटेक का भय रहता हो तो रोज़ना अर्जुनासव या अर्जुनारिष्ट भोजन के बाद 2 चम्मच मात्रा में 4 चम्मच पानी मिलाकर पीते रहिए ।


3. बबासीर (मस्से) हों या होने की सम्भावना लगती हो तो पथरचटे के हरे पत्ते रोजाना सबेरे चबा कर खाएँ ।


4. किडनी फेल होने का डर यदि रहता हो तो हरे धनिये (कोथमीर) का रस 2 चम्मच (लगभग 10 ग्राम) की मात्रा में प्रात: खाली पेट पिएँ ।


5. पित्त (एसिडिटी) की शिकायत हो तो रोज़ाना सुबह-शाम आंवले का रस पिएँ । ताजे आंवले न मिलें तो आंवले के सूखे चूर्ण में बराबर की मात्रा में मिश्री मिलाकर भी ले सकते हैं ।


6. सर्दी-जुकाम की समस्या यदि हो तो नियमित कुछ दिन गर्म गुनगुने पानी में थोड़ा सा हल्दी चूर्ण मिलाकर पिएँ ।


7. गंजा होने का भय यदि हो तो बड़ (बरगद) के पेड की जटा को कूटकर नारियल के तेल में उबाल कर व छान कर, रोज़ाना स्नान के पहले उस तेल की मालिश करें या सोते समय एक चम्मच अदरक के रस को एक चम्मच बादाम के तेल में मिलाकर सोते समय सिर की त्वचा में 5 मिनीट मालिश कर उसे सुबह तक लगा रहने दें ।


8. दाँत गिरने से यदि बचाने हों तो फ्रिज का ठंडा पानी पीना बंद कर दें ।


9. डायबिटीज (मधुमेह) से बचाव के लिए तनावमुक्त रहें, 30 मिनीट रोज सुबह पैदल चलना अथवा योग, प्राणायाम या जिम में व्यायाम करें, सुविधा यदि हो तो तैराकी को नियमित अपनी दिनचर्या में शामिल करें । कैसे भी नित्य सुबह शरीर को 30 मिनीट कम से कम अनिवार्य रुप से निरन्तर चलायमान रखें । रात को देर तक न जागें, शक्कर की बनिस्बत गुड़ खाएँ ।


10. किसी चिन्ता या डर के कारण नींद नहीं आती हो तो रोज़ाना भोजन के दो घन्टे पूर्व 20 या 25 मि.ली. अश्वगन्धारिष्ट, 200 मि.ली. पानी में मिला कर पिएँ ।


11. यदि कभी सिरदर्द की समस्या हो तो मेडिकल स्टोर्स से डिस्प्रीन की 2 गोली खरीदकर व उसके 4 टुकडे करके 3 टुकडे किसी कटोरी में पानी डालकर घोलकर पी लें । 15 मिनीट में समस्या का समाधान होते देखें ।


हमने यहाँ यह कोशिश की है कि वे वास्तविक समस्याएँ जो जीवन में चलते-फिरते किसी भी कारण से हमें फेस करना पडती हैं उनका तो समाधान हो ही, किन्तु वे भी समस्याएँ जिनका किसी भी सम्बन्धित या असम्बन्धित कारण से हमें सिर्फ भविष्य के लिये डर सता रहा हो हम उपरोक्त माध्यमों से उनका भी उपचार कर सकें ।


किसी बीमारी का भय नहीं हो तो भी – स्वयं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इतना तो अवश्य करें कि नित्य सुबह 10 मिनिट अनुलोम-विलोम, 10 मिनिट कपालभाती प्राणायम और सूर्य नमस्कार आप कर सकें । क्योंकि स्वस्थ रहने के लिए धन नहीं लगता, थोड़ी स्फूर्ति, थोड़ी जागरूकता व थोड़ा परिश्रम ही लगता है । ध्यान रखें - स्वास्थ्य मुफ्त में मिलता है जिसे प्रायः लोग लेते नहीं हैं और बीमारियां पैसे देकर खरीदी जाती हैं जिन्हें लोग लाईन लगाकर खरीदने हेतु लालायित दिखते हैं ।


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